Mon. Nov 18th, 2019

हरेला पर्व पर महाविद्यालय में किया गया पौधारोपण

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प्रकृति के संरक्षक हैं भगवान शिवः
बिंदु दीवान
एस.एम.जे.एन.पी.जी. कॉलेज में वैदिक मन्त्रोउच्चारण के साथ हरेला के शुभ पावन अवसर पर ‘विश्रान्ति वन’ में पेड़ लगाकर पौधेरोपण किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन, भगवत किशोर मिश्रा ने कॉलेज पहुंचकर विश्रान्ति वन का निरीक्षण किया तथा एसएमजेएन.पीजी.कॉलेज, रॉकमैन फाउण्डेशन एवं सनातन सेवा मिशन ट्रस्ट के संयोजन में लगाये गये लगभग 1050 पौधौं का निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी भगवत किशोर ने इस अवसर पर कहा कि पौधारोपण द्वारा ही जल संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सकता है।
इस अवसर पर सनातन सेवा मिशन के सचिव हिमांशु वालिया ने कहा कि हमारा वृक्षों के साथ बहुत गहरा सम्बन्ध् है। हमारे जीवन का प्रत्येक क्षण वृक्षों से सम्बन्ध् रखता है। विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर चलना आवश्यक है। इस प्रकार मानव और वृक्ष दोनों के बीच गहरा सम्बन्ध् है। जिला सचिव शालू आहूजा ने कहा कि धरती पर हमारे सबसे नजदीकी मित्र वृक्ष हैं, जब आप वृक्ष काटते हैं तो आप अपनी जीवन शक्ति पर प्रहार कर रहे हैं और अपनी ही परेशानियों को बढ़ा रहे हैं। यदि हम वृक्षों को उगायेंगे तो वे हमें आगे बढ़ायेंगे जो मानव कल्याण के लिए बहुत जरूरी है।
समाज सेवी विशाल गर्ग ने कहा कि हमें वृक्षों के महत्व को समझना होगा। ऋषि-मुनियों ने भी वृक्षों को सूर्य, चन्द्रमा, गंगा की तरह पवित्र मानकर इसकी पूजा करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष जितनी आक्सीजन अपने पूरे जीवन में देता है वह कई व्यक्तियों को जीवन दे सकता है। अतः वृक्ष लगाना व उनका संरक्षण करना बहुत आवश्यक है।
हरेला पर्व की बधाई देते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि प्रकृति ने हमें अनेक प्रकार के वृक्ष और जड़ीबूटियाँ दी हैं, जो हमें प्राण वायु के रूप में आक्सीजन देते हैं। वृक्ष हमें फलों के रूप में भोजन, अनाज व जड़ी बूटी के रूप में दवायें देते हैं। प्रकृति के रूप में वृक्ष हमारा पालन-पोषण व स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं परन्तु विकास की अंधी दौड़ में हम अनायास ही वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलाकर अपने जीवन पर ही प्रहार कर रहे हैं। डॉ. बत्रा ने कहा कि वृक्ष रहेंगे तो मानव जीवन रहेगा, वृक्ष हमें आक्सीजन के रूप में प्राण वायु प्रदान करते हैं और कार्बन-डाई-आक्साईड ग्रहण करके वातावरण को शुद्ध बनाने के लिए प्राकृतिक प्यूरीफाई का कार्य करते हैं।
मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ. सरस्वती पाठक ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही भगवान शिव की सच्ची आराधना है। प्रकृति हमारी माँ है और उसके बिना हमारा अस्तित्व सम्भव नहीं है। यदि हम उसके विरूद्ध जायेंगे और अपने लालच की पूर्ति के लिए उसके ससांधनों का अंधाधुंध् दोहन करेंगे तो हम अपने विनाश को निमंत्रण देंगे।
इस अवसर पर सनातन सेवा मिशन ट्रस्ट के साधनानंद महाराज, गरिमा अग्रवाल, रेनू भारद्वाज, अनू कौशिक, सीमा पटेल, सुमित आहूजा, अध्ष्ठिाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी, मोहन चन्द पांडे ,वेद प्रकाश चौहान, अंकित अग्रवाल, सुशील राठौर,दुध नाथ, कुंवरपाल, विशाल,आदि उपस्थित थे।

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