Sat. Jan 25th, 2020

सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी और शासन ने फंसाया पेंच

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हरप्रीत सिंह
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय ने निजी कॉलेजों ने सेमेस्टर परीक्षाओं को संपन्न कराने की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। छात्रों के परीक्षा फार्म जमा हो चुके है। विश्वविद्यालय स्तर पर प्रश्न पत्रों को छपवाने का कार्य संपन्न हो चुका है। लेकिन शासन के एक फोन कॉल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। हालांकि शासन की ओर से लिखित कोई निर्देश जारी नही किए गए है। ऐसे में तमाम निजी कॉलेज और हजारों छात्र भ्रम की स्थिति में है। सरकार और शासन में बैठे अधिकारी किस मंशा से उच्च शिक्षा को लेकर संजीदा है। या फिर शिक्षा के साथ खेल कर रहे है। ये फोन उस वक्त आया है जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रश्न पत्रों से लेकर परीक्षाओं को लेकर तमाम खर्च कर चुका है। ऐसे में अगर परीक्षाओं को रदद किया जाता है तो सरकारी धन के दुरप्रयोग की जिम्मेदारी किसकी होगी।
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई थी। विगत कुछ सालों के दौरान इस विश्वविद्यालय में नियमों को ताक पर रखकर कार्य किए जा रहे थे। मनमाने तरीके से इस विश्वविद्यालय की गतिविधियों को संचालित किया गया था। लेकिन कुलपति पद पर डॉ पीपी ध्यानी के द्वारा जिम्मेदारी संभालने के बाद से उच्च शिक्षा का स्तर सुधारने की कवायद तेजी से शुरू हुई। कुलपति डॉ पीपी ध्यानी ने पूरी पारदर्शिता के साथ विश्वविद्यालय को ऊंचाईयों पर ले जाने का संदेश दिया और कार्य शुरू कर दिए। इसी क्रम में सबसे पहले निजी कॉलेजों में सेमेस्टर परीक्षाओं को संपन्न कराने का कार्य शुरू किया। आन लाइन प्रक्रिया के तरह छात्रों के परीक्षा शुल्क जमा कराए गए। कुलपति डॉ पीपी ध्यानी ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सेमेस्टर प्रणाली के तहत परीक्षाओं को संपन्न कराने के लिए परीक्षा तिथि तक घोषित करा दी। लेकिन इसी बीच शासन के एक अधिकारी के विश्वविद्यालय के कर्मचारी को किए गए फोन कॉल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को असमंजस की स्थिति में खड़ा कर दिया। शासन से आई फोन कॉल में सेमेस्टर परीक्षाओं को रदद करके राजकीय कॉलेजों की भांति वार्षिकी परीक्षा संपन्न कराने को कहा गया। लेकिन इस संबंध में शासन की ओर से कोई लिखित आदेश जारी नही किया गया। शासन की ओर से लिखित आदेश नही मिलने की स्थिति में निजी कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन पशोपेश में आ गया। आखिरकार सेमेस्टर परीक्षाओं को कराया जाए या नही। फिलहाल पूरे प्रकरण में शासन के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। वही दूसरी ओर निजी कॉलेज और छात्र सेमेस्टर परीक्षाओं को देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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