Mon. Nov 18th, 2019

बिजली विभाग के ए​क अधिकारी ने अपने ही बच्चो और पत्नी को किया ब्लेकमेल

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नवीन चौहान
हरिद्वार में तैनात बिजली विभाग का ये अधिकारी दो मासूम बच्चों की जिंदगी से कई सालों तक खेलता रहा। इन मासूम बच्चों और उनकी मां को ब्लैकमेल करता रहा। बच्चों को स्कूल नही भेजा और घर में कैद करके रखा। बच्चों से झाडू पोछा और बर्तन साफ कराने का कार्य कराता रहा। हद तो तब हो गई कि अपनी शराब पीने की लत के चलते बच्चों से शराब के पैग तक बनवाने लगा। बच्चों को उनकी मां से दूर रखा और बच्चों की मां को फोटो भेजकर उसको दर्द पहुंचाता रहा। लेकिन बच्चों की मां ने साहस जुटाया और बच्चों को कैद से आजाद कराकर एक खुली हवा में जीने की आजादी दी।
ये कहानी कोई फिल्मी नही है। एक हकीकत है और बिजली विभाग के अधिकारी की हैवानियत की करतूत है। कोई पिता इतना जालिम भी हो सकता है। जी हां पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करके दो बच्चों को जन्म देने वाले इस बिजली विभाग के अधिकारी ने कानून और समाज को धता बताते हुए सिर्फ अपने मंसूबे पूरे किए। मानवता को शर्मसार करने वाले इस अधिकारी ने दो मासूमों की जिंदगी को नरक के जीवन से भी बदत्तर बनाकर छोड़ दिया। कभी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। जब बच्चों की मां ने अपनी कोख से जन्मे बच्चों की मदद करने की ठानी तो उसकी राह में अड़चने पैदा कर दी। मां को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया गया। इस कलयुगी पिता ने अपने पद और ताकत के चलते दो मासूमों बच्चों को नरक की जिंदगी में धकेल दिया। बच्चों के जैविक पिता ने दूसरी शादी को तो अवैध माना लेकिन बच्चों के लिए किसी फर्ज को पूरा नही किया। बच्चों की मां ने अपने लिए किसी हक की बात नही की लेकिन जब बच्चों की जिंदगी बनाने के लिए शिक्षा का खर्च उठाने की बात कही तो इस अधिकारी पिता ने अपने गुल खिलाने शुरू कर दिए। बिजली विभाग में बतौर एक अच्छे पद पर कार्यरत इस अधिकारी पिता ने दो मासूमों को अपना मोहरा बना लिया। जब उन बच्चों को पिता की कैद से आजाद कराकर एक अच्छे स्कूल में एडमिशन कराया गया तो कलयुगी पिता ने वहां भी हंगामा करना नही छोड़ा। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को स्कूल से निकालने की चेतावनी दे दी। बच्चों की मां लोक लाज और मान प्रतिष्ठा के चलते सब दर्द सहती रही। लेकिन ये अधिकारी अपने नापाक मंसूबों से बाज नही आया। इन बच्चों की जिंदगी को नरक बनाने में लगा हुआ है। पिता की कैद से आजाद बच्चे आज बेहतर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। लेकिन इस अधिकारी को उसपर भी चैन नही है। वह अपनी पहली पत्नी और उसके बच्चों के साथ मिलकर इन दो मासूम बच्चों की जिंदगी के लिए खतरा बनता जा रहा है।

पीड़ित मां ने जब भी इस पूरे प्रकरण को लेकर कानून की मदद लेने की ​कोशिश की तो इस कलयुगी पिता ने बच्चों को मारने की धमकी दी। बच्चों से दूर रहने का दर्द सह रही मां बच्चों की जिंदगी की खातिर चुप रही। जबकि ये अधिकारी बच्चों की आढ़ लेकर मां और बच्चों की जिंदगी में परेशानी उत्पन्न करता रहा। इधर बच्चों का शोषण किया जाता रहा। वही मां को भी बदनाम करने में कोई कोर कसर बाकी नही छोड़ी। आखिरकार एक पिता अपने बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव कर सकता है। ये बात हैरान करने वाली है। लेकिन एक हकीकत है।
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