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डी.पी.एस. के निवर्तमान प्रधानाचार्य के.सी. पांडेय के विदाई समारोह में बोले स्वामी रामदेव— जल्द गठन होगा भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड का

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नवीन चौहान

1 जुलाई । योगगुरू स्वामी रामदेव ने कहा कि जल्दी ही भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड अपने अस्तित्व में आ जाएगा। इस बोर्ड के गठन के लिए केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह बोर्ड भारतीय वैदिक शैक्षिक पद्धति को फिर से स्थापित और गौरव प्रदान करेगा। वे बीती रात दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर के परिसर में आयोजित स्कूल के निवर्तमान प्रधानाचार्य के.सी. पांडेय के सेवानिवृत विदाई समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
शिक्षा जगत को के.सी. पांडेय द्वारा दी गई सेवाओं की तारीफ करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि पांडेय का जीवन साफ-सुथरा और गंगा की तरह निर्मल है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। भावुक होते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि के.सी. पांडेय जैसे शिक्षाविद् कभी रिटायर नहीं होते हैं। आज उनकी डीपीएस से एक पारी समाप्त हुई है और अब उनकी दूसरी पारी पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड के एक उत्कृष्ट विशेषज्ञ के रूप में शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। शिक्षा मनुष्य को ज्ञानवान बनाती है और सभ्य राष्ट्र तथा समाज का निर्माण करती हैं। के.सी. पांडेय को उन्होंने भारतीय शिक्षा जगत के ध्रुव तारे की संज्ञा प्रदान की।
इस अवसर पर बी.एच.ई.एल. हरिद्वार के प्रमुख संजय गुलाटी ने कहा कि जब वे बी.एच.ई.एल. में नौकरी करने आए थे, तब उन्होंने के.सी. पांडेय की प्रशासनिक क्षमता के बारे में बहुत सुना था और उन्होंने डीपीएस रानीपुर को एक बड़े संस्थान के रूप में प्रतिष्ठा प्रदान करवाई और आज डी.पी.एस. रानीपुर देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों में से एक है तथा प्रमुख स्थान रखता है।
बी.एच.ई.एल. के पूर्व महाप्रबंधक राजीव भटनागर ने कहा कि पांडेय एक सच्चे और अच्छे इन्सान तो हैं ही साथ ही वे मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में डी.पी.एस. रानीपुर को उत्कृष्ट संस्थान बनाकर हरिद्वार ही नहीं बल्कि उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। पांडेय उत्तराखंड की शान-बान हैं।
इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए निवर्तमान प्रधानाचार्य के.सी. पांडेय ने कहा कि उन्हें डी.पी.एस. परिवार, बी.एच.ई.एल के अधिकारियों और हरिद्वार के जनता से जो स्नेह और सहयोग मिला है, वह उनके लिए एक अमूल्य पूंजी है। वे सभी लोगों से मिले सहयोग के लिए उनके अत्यंत आभारी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य का ऐसा आभूषण है, जो उसे सभ्य समाज में प्रतिष्ठा प्रदान करवाता है। उनका हमेशा प्रयास रहा कि हरिद्वार का नाम शिक्षा जगत में हमेशा उत्कृष्ट रहे। वे हमेशा डीपीएस परिवार में अपना सहयोग प्रदान करते रहेंगे। भावुक होते हुए पांडेय ने कहा कि स्वामी रामदेव हमारे आदर्श हैं और हमेशा रहेंगे। उनका योग और आयुर्वेद के साथ—साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम योगदान है। वे भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की एक महान विभूति हैं।
इस अवसर पर बी.एच.ई.एल. के महाप्रबंधक एच.आर संजय सिन्हा, महाप्रबंधक और डी.पी.एस. के प्रो-वाईस चैयरमैन के.बी. बत्रा, अपर महाप्रबंधक पब्लिक रिलेशन राकेश माणिकताला, डी.पी.एस के वर्तमान प्रधानाचार्य अनुपम जग्गा, डी.पी.एस. की जूनियर विंग की प्रभारी श्रीमती उमा पांडेय, गंगासभा के पूर्व अध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा गांधीवादी, नगर पालिका हरिद्वार के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, शिवालिक नगर नगरपालिका के अध्यक्ष राजीव शर्मा, ओमप्रकाश जमदग्नि समेत बी.एच.ई.एल. के कई आलाधिकारी, श्रमिक नेता और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

 

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