श्री देव सुमन यूनिवर्सिटी में अब एक घंटे ज्यादा होगा काम, कुलपति डा ध्यानी के विजन से लिया सभी ने सामूहिक तौर पर लिया निर्णय

education देहरादून सरकारी योजनाएं

नवीन चौहान
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रशासनिक अधिकारियों ने अनूठी पहल शुरू की है। वे स्वामी विवेकानन्द के 158वें जन्म दिवस के शुभ अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल​पति डा पीपी ध्यानी के साथ प्रशासनिक अधिका​री एवं कर्मचारी एक घंटे ज्यादा काम करेंगे। यह अवधि सभी ने स्वेच्छा से बढ़ाई। इस निर्णय से विवि के सभी कार्य समय पर पूरे होंगे। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानन्द जी के 158वें जन्म दिवस के शुभ अवसर पर विश्वविद्यालय के सभागार भवन में विचार गोष्ठी का आयोजन कर राष्ट्रीय युवा दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एंव कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के अधिकारियों एंव कर्मचारियों द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति डा पीपी ध्यानी को धन्यवाद ज्ञापित किया कि पहली बार विश्वविद्यालय में ऐसा हो रहा है कि विश्वविद्यालय समस्त नितनीय गतिविधियों को मना रहा है। जो कि विश्वविद्यालय के लिये प्रेरणाश्रोत हैं। कुलपति डा पीताम्बर प्रसाद ध्यानी द्वारा सर्वप्रथम स्वामी विवेकानन्द जी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द जी को उनके 158वें जन्म दिवस के शुभ अवसर पर नमन किया गया तथा उन्हे मन से श्रृद्धा सुमन अर्पित किए। कुलपति ने सभी को सम्बोधित कर कहा कि स्वामी विवेकानन्द के व्यक्तित्व एंव कृतित्व से सीख लेकर हमें अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का लक्ष्य विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट विश्वविद्यालय बनाना ही है, जिसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागृत होना पडेगा और मेहनत व लगन से कार्य करना पडेगा। डा ध्यानी द्वारा कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुये समस्त अधिकारियों एंव कर्मचारियों को बताया गया कि दुनिया में वेदांत और हिन्दु दर्शन के सिद्धान्तों का प्रसार करने वाले पहले देशभक्त सन्यासी स्वामी विवेकानन्द ही थे। कुलपति ने स्वामी विवेकानन्द जी, जो भारतीय वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरू थे, और जिन्होने पूरे विश्व में हिन्दू दर्शन के सिद्धान्तों का प्रचार प्रसार, एक देशभक्त सन्यासी के रूप में किया, के व्यक्तित्व व कृतित्व पर, सबको विस्तार से अवगत कराया और आहवान किया कि हम्हें उनके आर्दशों को आगे बढाकर कार्य करना चाहिए और अपने लक्ष्य को मेहनत, कठिन परिश्रम और ईमानदारी से प्राप्त करना चाहिए। स्वामी विवेकानन्द का मुख्य कथन ’उतिष्ठत जाग्रत प्राप्य बरान्निबोधत’’ यानी उठो, जागो और तब तक नही रूको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये, को सफलता प्राप्ति हेतु जीवन का मूलमंत्र भी समझा जा सकता है। डा ध्यानी द्वारा कार्यक्रम में उत्तराखण्ड सरकार का साधुवाद किया गया क्योंकि राज्य सरकार ने स्वामी विवेकानन्द जी के जन्म दिवस पर कई अहम फैसले लिये। पहला कि राज्य के समस्त महाविद्यालयों में राज्य स्तरीय निबन्ध प्रतियोगिता ’’स्वामी विवेकान्द जी के विचारों की उत्तराखण्ड राज्य के परिपेक्ष्य में प्रासंगिकता’’ का आयेाजन करवाया गया, दूसरा कि राज्य में ’’स्वामी विवेकानन्द पर्यटन सर्किट ’’ की स्थापना की गयी, जिसकी कुलपति द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गयी। डा ध्यानी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आज से ही अपने लक्ष्य, जो कि विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट बनाना है, के प्रति अग्रसर होने का अहवान किया गया। कुलपति के सुझाव पर सभी अधिकारियों एंव कर्मचारियों द्वारा छात्र हित तथा विश्वविद्यालय हित में निर्णय लिया गया कि जब कुलपति अपना सब कुछ छोडकर विश्वविद्यालय के कार्यो के प्रति लगाव रहित हैं और सांय 07 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहते हैं तो हमे भी विश्वविद्यालय के प्रति निस्वार्थ भाव से कार्य करना चाहिए। जिसके लिए समस्त अघिकारियों एंव कर्मचारियों द्वारा आज से ही 10 बजे से लेकर सांय 06 बजे तक कार्य करने का निर्णय लिया गया। अब हर रोज विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी, अधिकारी व स्वंय कुलपति सुबह 10 बजे से सांय 06 बजे तक विश्वविद्यालय मुख्यालय में कार्य करेंगे। उक्त के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डा आरएस चैहान, कुलसचिव दिनेश चन्द्रा तथा कार्यक्रम में मंच का संचालन कर रहे डा हेमन्त बिष्ट ने भी अपने विचार कार्यक्रम में साझे किए। कार्यक्रम में डा बीएल आर्य सहायक परीक्षा नियंत्रक, सुनील नौटियाल प्रशासन, निजी सचिव कुलदीप सिंह नेगी, दर्शन लाल, पवन रतूडी, रविंद्र, उपेंद्र, मनोज, कुलदीप सिंह नेगी, गजेन्द्र रावत, अभिषेक भण्डारी, अमित, अर्जुन आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *