विश्वविद्यालय में खेलों को देंगे बढ़ावा, प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए करेंगे तैयारः प्रो एनएस भंडारी

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नवीन चौहान
अंतराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी सुश्री एकता बिष्ट से सम्मान समारोह में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि पहाड़ में खेल को लेकर बेहतर संभावनाएं हैं। यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां से एकता बिष्ट जैसी खिलाड़ी निकली हैं,जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यहां की बालिकाएं भी विभिन्न प्रकार के खेलों के प्रति जागरुक हो रही हैं। आज ग्रामीण अंचलों में भी बालिकाएं क्रिकेट टूर्नामेंट में प्रतिभाग कर रही हैं,जो बालिकाओं की खेल में रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में क्रिकेट को लेकर और पिथौरागढ़ में फुटबॉल को लेकर क्रेज है और इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हम इस नवसृजित विश्वविद्यालय में खेल को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं मुहैया करा कर प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने के लिए तैयार करेंगे।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में अंतराष्ट्रीय स्तर की महिला क्रिकेट खिलाड़ी सुश्री एकता बिष्ट का स्वागत कर कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र सिंह भंडारी एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ताइक्वांडो जैसे खेल शरीर को फिट रखते हैं, ऐसे में इनको लेकर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पिथौरागढ़ फुटबॉल को लेकर जाना जाता रहा है। वहां आन सिंह थापा जैसे खिलाड़ी हुए हैं,जिनको बेहतर खिलाड़ी के तौर पर जानते हैं। ऐसे में फुटबॉल के क्षेत्र में पिथौरागढ़ में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। लंबी दूरी के धावक भी सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में भविष्य में तैयार किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय फलक पर इन क्षेत्रों का नाम रोशन करेंगे।
खेल और खेल को लेकर अपनी तैयारियों और अपने दृष्टिकोण को रखते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ में खिलाड़ियों की कमी नहीं है। यदि उनको उचित प्रशिक्षण दिया जाए तो देश को कई खिलाड़ी मिल जाएंगे। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने खेल के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली है। इस विश्वविद्यालय में द्रोणाचार्य सम्मान से सम्मानित लियाकत अली हैं, जिनके अनुभवों का लाभ भी लिया जाएगा। यह विश्वविद्यालय खेल के लिए भी जाना जाएगा। उन्होंने स्पोर्ट्स को लेकर एकता बिष्ट से विस्तार से वार्ता रखी।
अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट ने सम्मान समारोह में कहा कि विश्वविद्यालय में हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स सेंटर खोल जाना जरूरी है। इसके खुलने से बाहर से खिलाई भी यहां प्रशिक्षण के लिए आएंगे और आर्थिक रूप से पिछड़े खिलाड़ियों को भी अपने इस क्षेत्र में उपयुक्त सेंटर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि एथिलिट क्षेत्र में विकास किये जाने चाहिए। निम्न आर्थिक परिस्थिति वाले युवा खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स की स्कॉलरशिप देकर प्रोत्साहन दिया जाए।
बालिकाओं की खेल में रुचि बढ़ रही है। अतः उन्हें खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। आगे कहा कि पहाड़ में अच्छी धावक हैं, जिनको सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हॉस्टल संचालित कर तराशे। यदि घर में ही उनको सुविधाएं मिल जाएं तो क्रिकेट को लेकर जागरुकता आएगी। आगे कहा कि यहां के खिलाड़ियों को मानसिक और आर्थिक स्तर पर सपोर्ट कर तराशा जाना चाहिए। उन्होंने रुद्रपुर में संजय सिंह ठाकुर ने हाई लेंडर्स स्पोर्ट्स स्टेडियम निर्मित किया है,जो सराहनीय कदम है। वह खेल को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं।
अपने निजी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि मैंने अभावों में यहां क्रिकेट सीखी है। उस समय मेरे कोच लियाकत अली ने मुझे संसाधन उपलब्ध करा कर मयूझे प्रशिक्षित किया है। ऐसी ही कई प्रतिभाएं यहां हैं, जिनको तराशा जाना चाहिए। समारोह में शोध एवं प्रसार निदेशालय के निदेशक प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुशील कुमार जोशी, विशेष कार्याधिकारी डॉ देवेंद्र सिंह बिष्ट, कुलसचिव डॉ विपिन चन्द्र जोशी, क्रीड़ा प्रभारी लियाकत अली, डॉ नवीन भट्ट आदि ने भी विचार रखे। इस अवसर पर डॉ ललित चन्द्र जोशी, विपिन जोशी, विनीत कांडपाल, राकेश साह, गोविंद सिंह आदि विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मी मौजूद रहे।

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