किसानों को रोकना लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों का हनन: अंबरीष कुमार

politics हरिद्वार


नवीन चौहान
पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि किसान के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों का हनन करना सरकार तत्काल बंद करें। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र और हरियाणा सरकार कोरोना का नाम लेकर किसानों के दिल्ली कूच को दमनात्मक उपायों के जरिए रोकने का प्रयास कर रही है। अपनी मांगों के लिए देश के संविधान के मुताबिक शांतिपूर्वक अहिंसक प्रदर्शन का प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार है। परंतु केंद्र सरकार के निर्देश पर हरियाणा से दिल्ली जा रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों को बलपूर्वक रोका जा रहा है। यह किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है कोरोना के चलते संसद में बिना किसी बहस के किसान विरोधी कृषि कानून तो सरकार बना सकती है परंतु किसान को विरोध करने के अधिकार से वंचित कर रही है। मैं बल प्रयोग किए जाने की घोर निंदा करते हुए सरकार को याद दिलाना चाहता हूं कि देश की आजादी का रास्ता चाहे वह चंपारण का किसान आंदोलन हो चाहे सरदार पटेल के नेतृत्व में खेड़ा गुजरात आंदोलन हो चाहे सरदार भगत सिंह के नेतृत्व में पगड़ी संभाल जट्टा का आवाहन हो। यह किसान ही थे जिन्होंने देश को आजाद कराया आप उन्हीं भूमि पुत्रों पर अत्याचार सरकार की किसान विरोधी मानसिकता का उदाहरण है। सरकार आज सब कुछ देश के चंद कॉर्पोरेट हाउस को दे देना चाहती है इसी कारण यह किसान विरोधी कृषि कानून बनाए गए हैं। मैं देश के संगठित असंगठित देश के मजदूरों और कामगारों को भी बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने निजीकरण और श्रम संहिताओं के खिलाफ शानदार एकजुट कर प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक हड़ताल की।

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