खनन माफियाओं के साथ शराब तस्करों पर भारी पड़ेंगे इंस्पेक्टर अमरचंद्र शर्मा और कनखल के असामाजिक तत्वों को रहेगा लुंठी का खौफ

अपराध हरिद्वार

नवीन चौहान
खनन माफियाओ की दाल इंस्पेक्टर अमरचंद्र शर्मा के सामने नहीं गलेगी। उनकी तेज तर्रार कार्यशैली खनन माफियाओं को भारी पड़ेगी। वही कनखल थाना प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी शराब माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने में सफल रहेंगे। छात्रवृत्ति घोटाले की जांच करने के दौरान एसआईटी का हिस्सा रहे कमल लुंठी ने पारदर्शिता से विवेचना कर नामी काॅलेज संचालकों को जेल की राह दिखलाई थी। हालांकि कमल कुमार लुंठी विभिन्न सेल में कार्यरत रहे। लेकिन उनकी कार्यक्षमता को फील्ड में परखने का अवसर नही मिला। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने उप निरीक्षक कमल लुंठी को कनखल भेजकर पुलिसकर्मियों को ईमानदारी से कार्य करने का संदेश भी दिया है।
एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने जनपद के कोतवाली प्रभारियों के तबादलों में पुलिसकर्मियों की योग्यता और क्षमता के अनुसार कार्यक्षेत्र दिया है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में मंगलौर में कोतवाली प्रभारी का दायित्व इंस्पेक्टर यशपाल सिंह बिष्ट को देना और कनखल में उप निरीक्षक कमल कुमार लुंठी व पथरी के खनन क्षेत्र में अमर चंद शर्मा की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद अच्छा निर्णय है। वही जगजीतपरु चैकी प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे राजेंद्र रावत क्षेत्र में सक्रिय रहे और जनता के बीच मधुर संबंध बनाने में कामयाब रहे। अपराधियों पर उनकी नजरे तिरछी रही तो लिहाजा उनको भी एसएसआई बनाया गया। सुखपाल मान की सक्रियता को देखते हुए बुग्गावाला भेजा गया। उप निरीक्षक धर्मेद्र राठी भी क्षेत्र में काफी मेहनत करते रहे है। उनकी कार्यशैली भी तेज पुलिस दारोगाओं में है। ऐसे में उनको सुल्तानपुर चैकी बनाना क्षेत्र की जनता के हित में है। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने जनपद की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत पुलिस के तबादले किए। उनकी तबादला सूची से साफ जाहिर है कि क्षेत्र में कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मौका मिलेगा।
अपकी जानकारी के लिए बताते चले कि तेज तर्रार दारोगा और कोतवाल वह होता है जो आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय लेकर शांति व्यवस्था को कायम करें और तत्काल अधिकारियों को सूचना देकर उनके निर्देशों का अनुपाल करें। हरिद्वार मिश्रित आबादी वाला संवदेनशील जनपद है। यहां अपराधिक घटनाओं की रोकथाम करना और शांति व्यवस्था को बहाल रखना हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। इसके अलावा खनन माफियाओं के मंसूबे को नाकाम करने की भी जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों पर निर्भर रहती है। बीते दिनों हरिद्वार में घटित डबल मर्डर केस और मासूम बालिका के रेप मर्डर मिस्ट्री में नगर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी और रानीपुर कोतवाली प्रभारी योगेश देव ने एक टीम वर्क के रूप में काम करते हुए अपनी काबिलियत को साबित किया था।
बताते चलें कि तेज तर्रार और काबिल कोतवाल
लेकिन एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने अनुभव के आधार पर पुलिसकर्मियों के कार्यक्षमता को परखने के बाद थाना प्रभारी की कमान सौंपी है। ऐसे में थान प्रभारियों को भी एसएसपी की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनपद में शांति व्याप्त करना और अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम करने के साथ ही जनता का विश्वास को भी जीतना होगा।

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