कोरोना ने पुलिस और प्रशासन को किया परिवार से दूर

हरिद्वार


नवीन चौहान
कोरोना संक्रमण ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को परिवार से दूर कर दिया है। पुलिस और प्रशासन सरकारी कार्यो के साथ—साथ 24 घंटे कोरोना संक्रमण से जनता को सुरक्षित बचाने की कवायद में जुटे है। केंद्र और राज्य सरकार की गाइड लाइन का अनुपालन करा रहे है। ऐसे में अब जब मास्क और शारीरिक दूरी का पालन कराने की कठिन चुनौती से जूझ रहे है। जबकि इन तमाम पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों के परिजन फोन से आवाज सुन पा रहे है। इनको छुट्टी तक नहीं मिल पा रही है। आने वाले दिन बेहद कठिन होने वाले है।
हरिद्वार जनपद में पुलिस और प्रशासन की कमी है। बढ़ती जनसंख्या के चलते सभी सरकारी विभाग काम के बोझ तले दबे है। पुलिस पर जनता की सुरक्षा का दायित्व है। जबकि पुलिस बल की संख्या बहुत कम है। ऐसे में पुलिसकर्मी 24 घंटे डयूटी बजा रहे है। पुलिसकर्मियों को छुट्टी तक नही मिल पा रही है। वही दूसरे विभागों की बात करें तो तहसील प्रशासन में जनता के कार्यो के अलावा अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी है। राजस्व जुटाने का दायित्व है। वही कोरोना संक्रमण की तमाम व्यवस्थाओं को दुरस्त करने की जिम्मेदारी भी इनके पास ही है। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के आगमन के बाद से पुलिस और प्रशासन को जनता को संक्रमण से सुरक्षित बचाने की चुनौती मिली थी। इस जिम्मेदारी का पुलिस और प्रशासन ने बखूवी पालन किया और अभी तक कर रहे है। लेकिन अगर इनकी मनोदशा की बात करें तो सभी लोग अपने परिवार से दूर होने का दंश भी झेल रहे है। इन सभी को अपने परिवार से दूर होने का गम सताता है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में कुछ लोगों के परिवार उनके साथ ही है। लेकिन दूर रहने वालों की संख्या ज्यादा है। पुलिसकर्मियों की बात करें तो वह अपने परिवार से बस फोन पर ही बात करके खुद को संतुष्ट कर रहे है। परिवार से दूरी की सबसे बड़ी वजह कोरोना बन गया है। कोरोना ने सभी की डयूटी में अतिरिक्त कार्य जोड़ दिया है। ये कार्य सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। कोरोना संक्रमण से जनता को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस की बन गई है। ऐसे में इन सभी की निजी जिंदगी उलझकर कर रह गई है।

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