मैदानी क्षेत्रों में प्राधिकरणों ने मचाई लूट और किया लोगों को शोषण: अंबरीष कुमार

politics सरकारी योजनाएं हरिद्वार


नवीन चौहान
पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों के विकास प्राधिकरणों में नियमों में शिथिलीकरण की घोषणा की है यह स्वागत योग्य कदम है। परंतु मुख्यमंत्री ने मैदानी जिलों के प्राधिकरणों के बारे में कोई घोषणा नहीं की। पर्वतीय क्षेत्रों में शिथिलीकरण की घोषणा वहां के लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए की है। परंतु अच्छा होता यदि मैदानी जिलों के लोगों की कठिनाइयों पर भी मुख्यमंत्री विचार करते। विकास और स्वास्थ्य तथा प्रकाश और खुली हवा उपलब्ध कराने के नाम पर प्राधिकरण द्वारा लूट और शोषण जो कई जिले के लोगों का हो रहा है उसका वर्णन करना भी मुश्किल है। जब से प्राधिकरण बने अनेकों महायोजनाएं इनके द्वारा बनाई गई तथाकथित भविष्य में होने वाले विकास के नाम पर भू उपयोग निर्धारित किए गए परंतु क्या यह सत्य नहीं है कि निजी भूमियों का भारी भयंकर भ्रष्टाचार हुआ है। कालोनियों को स्वीकृति देने के नाम पर शोषण और धन की लूट होती है जिसमें आम आदमी पिस्ता है और कॉलोनियों में भूखंड बहुत महंगे मिलते हैं। अतः गरीब और मध्यम वर्ग की खरीदने की सीमा से बाहर होते हैं परिणाम अनियोजित और अनियंत्रित विकास। और इस प्रकार अच्छे शहर बनाने की परिकल्पना धूल धूसरित हो रही है। भूमाफियाओ कर्मचारियों और अधिकारियों के पोबारे हो रहे हैं। यहां तक कि यह लूट गांव तक पहुंच चुकी है। प्राधिकरण के नियमों में छोटे भूखंड और बड़े भूखंडों के मानकों में कोई अंतर नहीं है। पूरे शहर में वैध से अधिक अवैध निर्माण है इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और नियम अव्यावहारिक और भेदभाव पूर्ण परंतु मुख्यमंत्री ने इस ओर से मुंह फेर लिया है यह खेद जनक है। जहां एक और गरीब और मध्यम वर्ग शोषण का शिकार है वही, गरीबों के आवास बनाने के नाम पर बिल्डरों को फ्लोर एरिया रेशों में छूट दे दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *